Ridmalsar Sipahiyan

Ridmalsar Bikaner (Raj) India

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History of sipahi Samaj

Posted by Sadik Khan Panwar on May 27, 2012 at 12:40 PM

मारवाड़ राजस्थान में मुस्लिम  राजपूतो के कई थोक है.मगर ये चार बड़े थोक है और सब अपनी असली खांप के नाम से सिपाहियों में जाने जाते है.

1.सिन्धी जो पश्चिम मारवाड़ में होते है

2.देशवाली जो पूर्व मारवाड़ में हर जगह होते है

3.नायक ये जोधपुर मे ज्यादा है

4.क्यामखानी ये चौहान भी जाने जाते है और नागौर,डीडवाना की तरफ बहुत है

सिपाही समाज के इतिहास पर एक नज़र डालने पर ये ज्ञात हुआ की बुजुर्गो के कहे अनुसार समाज के बही-भाट,लंगे,ख्यात और प्राचीन राजघराने से जुड़े परिवारों से सिपाही समाज की जानकारी मिलती है आज भी सिपाही समाज की विभिन जातियों के बही-भाट,जोबनेर के पास आसलपुर से आते है इन भाटो के पास सिपाही समाज का पूरा इतिहास है सिपाही समाज के ज्यादातरलोग जैसलमेरऔर सिंध से आकर राजस्थान के विभिन हिस्सों(राज्यों ) में बस गए.जिन्हें कही सिन्धी,कही सिपाही और दुसरे नामो से भी जाना जाता है बीकानेर में भी सिपाही समाज का एक संगठन है जो समाज की ऐतिहासिक प्रस्ठभूमि पर काम कर रहा है जिन्हें प्रगतिशील सिपाही समाज और प्रगतिशील सिन्धी सिपाहीसमाज कहा जाये तो कोई फर्क नहीं होगा क्योंकि ये संगठन सिन्धी-समाज की जातियों का ही प्रतिनिधि है इस जाति का मूल नाम सिपाही है तो इस जाति का इलाकाई और भोगोलिक नाम सिन्धी है. सिन्धी-सिपाही एक-दुसरे के पर्याय है बाड़मेर से गंगानगर के इलाके तक बसे लोग कही अपने भोगोलिक नाम से जाने जाते है तो कही अपने मूल नाम से जाने जाते है दरअसल में इस जाति के भोगोलिक और मूल नाम को जोड़कर देखा जाये तो इन पूरी जातियो का नाम सिन्धी सिपाही है जो सिंध से आकर बाड़मेर से गंगानगर रिडमलसर बीकानेर तक में बसी हुई है इनकी सभी उपजातियां सामान है और आपस में शादी-ब्याह होते है गंगानगर,हनुमानगढ़ के राठी इलाके में बसी इस जाति को इलाके के लिहाज से राठ कहा जाता है. सिन्धी सिपाही समाज की ऐतिहासिक जानकारी पर अभी शोध जारी है मूल रूप से सिन्धी सिपाही एक ही नस्ल और जाति है.

द्वारा:

हिंदी अनुवादन

सदीक खान पंवार

७ क १० पवनपुरी साउथ बीकानेर

स्रोत :

वीर सिपाही स्मारिका

Source:

www.ridmalsar.webs.com

www.veersipahi.wordpress.com

www.sipahisamaz.com

 

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